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सरसों की आधुनिक खेती एवं उन्नत किस्म

बुआई का समय

रबी में

बुआई का समय – 15 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच

फसल अवधि – 130 से 150 दिन


तापमान , मिट्टी की तैयारी व खेत की जुताई

सरसों की फसल सभी प्रकार की मिटटी में की जा सकती है लेकिन बलुए दोमट मिटटी अच्छी मानी जाती है।इस फसल के लिए मिटटी का पी एच मान 6 से 7.5 होना चाहिए । इस फसल के लिए 18 से 25 डिग्री तापमान सही होता है ।

खेत की पहली गहरी जुताई करने के बाद 1 एकड़ खेत में 5 से 6 टन गोबर की खाद डालकर खेत की पलेवा कर दे । इसके बाद खेत की दो से तीन जुताई देशी हल या कल्टीवेटर से करके खेत में पाटा लगा कर खेत को समतल कर दे ।


उन्नत किस्में ( Varieties )

  • Shriram 1666 – अवधि 125 से 130 दिन यह मध्यम अवधि 125-130 दिन की किस्म है । इस किस्म में अधिक ब्रांचिंग , फली की अधिक संख्या रहती है । यह किस्म सभी सरसों के बढ़ते क्षेत्र के लिए उपयुक्त है । इस किस्म में उच्च पैदावार की क्षम
  • RH 0749 – अवधि 145 से 148 दिन यह एक अधिक पैदावार वाली किस्म है । यह किस्म 145-148 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म के बीज मोटे और इनमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है । इसकी औसतन पैदावार 22-25 क्विंटल प्रति हैक्टेयर होती है।
  • T 59 ( Varuna ) – अवधि 145 से 150 दिन गुण यह किस्म हर तरह की जलवायु में उगाने योग्य है । यह 145-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इसमें 39 प्रतिशत तेल की मात्रा होती है । इसकी औसतन पैदावार 16-20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर होती है ।
  • Pioneer 45S42 – अवधि 125 से 130 दिन यह बोल्ड अनाज और उच्च फली घनत्व के साथ एक उच्च उपज देने वाली हाइब्रिड किस्म है। यह किस्म 125-13 में पककर तैयार हो जाती है । यह सभी मिट्टी की स्थिति में लगातार प्रदर्शन करती है।
  • क्रांति – अवधि 110 से 130 दिन यह किस्म 110-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म की बुवाई तोरिया- सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के मध्य तक कर सकते है । प्रति एकड़ उत्पादन 5 से 6 क्विंटल तक होता है।
  • Shriram Siddhi – अवधि140 से 150 दिन यह किस्म 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म के दाने गहरे भूरे रंग के मोटे दाने होते है । इनमें तेल की मात्रा 39 % प्रतिशत होती है।
  • Shriram 2020 – अवधि 130 से 135 दिन गुण यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म के बीज गहरे काले , मध्यम मोटे दाने होते है । इनमें तेल की मात्रा 40 % प्रतिशत होती है।
  • Pusa Bahar ( पूसा बहार ) – अवधि 105 से 120 दिन यह किस्म 105-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 8 से 10 क्विंटल तक होता है । इसमें तेल की मात्रा 40 % तक होती है।
  • Pusa Mahak ( पूसा महक ( JD – 6 ) ) – अवधि गुण 140 से 145 दिन यह किस्म 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 6 से 7 क्विंटल तक होता है ।
  • कालिया सरसो – अवधि 125 से 130 दिन यह किस्म 125 से 130 दिन में पक कर तैयार हो जाती है । इस किस्म के दाने काले चमकीले होते है । इनमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है । इसकी औसतन पैदावार 8 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।
  • Pioneer 45546 – अवधि गुण 125 से 130 दिन यह किस्म बड़े अनाज और बेहतर तेल प्रतिशत वाली है । यह उच्च उपज वाली संकर किस्म है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 10 से 12 क्विंटल तक होता है।
  • Bayer Proagro 5222 – अवधि गुण 125 से 130 दिन यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म के दाने गहरे भूरे रंग के मोटे दाने होते है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 12 से 14 क्विंटल तक होता है।
  • Advanta 414 – अवधि गुण 120 से 130 दिन यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 10 से 12 क्विंटल तक होता है।
  • Bayer Proagro 5210 – अवधि गुण 130 से 135 दिन यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म के दाने गहरे भूरे रंग के मोटे दाने होते है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 13 से 15 क्विंटल तक है।
  • Bayer Proagro kesari gold – अवधि गुण 105 से 120 दिन यह किस्म 105-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है । इस किस्म के दाने गहरे भूरे रंग के मोटे दाने होते है । इस किस्म का प्रति एकड़ उत्पादन 10 से 12 क्विंटल तक होता है । इनमें तेल की मात्रा 40 से 42 प्रतिशत होती है।

बीज की मात्रा

सरसों की 1 एकड़ फसल तैयार करने के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है ।

बीज उपचार

हाइब्रिड बीज पहले से उपचारित आते है इनकी सीधी बुवाई की जा सकती है । अगर घर पर तैयार किया हुआ या देसी बीज की बुवाई करते है तो इसे कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम + थिरम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित कर ले ।

बुआई का तरीका

सरसों की फसल बुवाई 2 तरीके से की जाती है छिटका विधि और लाइन में । लाइन में बुवाई के समय पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेमी और लाइन से लाइन की दूरी 30 से 35 सेमी रखे ।


उर्वरक व खाद प्रबंधन

फसल बुवाई के समय 1 एकड़ खेत में 50 किलोग्राम डीएपी , 25 किलोग्राम मयूरेट ऑफ पोटाश , 10 किलोग्राम बेंटोनाइट सल्फर का इस्तेमाल करे ।

  • बुवाई के 30 से 35 दिन बाद सरसों की फसल बुवाई के पहली सिंचाई के 1 दिन बाद 1 एकड़ खेत में 35 किलोग्राम यूरिया 10 किलोग्राम जायम का इस्तेमाल करे ।
  • बुवाई के 45 से 50 दिन बाद सरसों में बोरान 200 ग्राम प्रति एकर 200 लीटर पानी में घोलकर बुआई के 40 एवं 50 दिन बाद छिड़काव करें।

सिंचाई

सरसों की फसल समय से सिंचाई करने से फसल की पैदावार अच्छी होती है । इस फसल को 2 से 3 सिंचाई की जरुरत होती है । पहली सिंचाई 30 से 40 के बीच और दूसरी सिंचाई 70 से 75 दिन पर करे।

फसल की कटाई

सरसों की फसल 120-140 दिन में पक कर तैयार हो जाता है।



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