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कृषि वैज्ञानिकों ने दी सलाह, ठंड से फसलों की बनेगी सेहत

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह – गेहू की फसल कल्ले फूटने की स्थिति में आ चुकी है, ऐसे में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जो फसलों की सेहत के लिए अच्छी है, लेकिन किसानों को सावधानी भी बरतना होगा। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, सीहोर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी 3-4 दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर के अनुसार उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी से मौसम में बदलाव आया है, जिससे तेज ठंड पड़ने की आशंका है।

गेहूं में पीलापन है तो यूरिया और जिंक का छिड़काव करें

इससे रबी फसलों को फायदा होगा व उनकी वानस्पतिक वृद्धि अच्छी होगी। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को तकनीकी सलाह दी है। केंद्र के प्रमुख स्वप्रिल दुबे के अनुसार किसान यह प्रयोग अपनाएं…

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बचाव के लिए किसान करें ये उपाय

गेहूं के लिए

गेहूं में पहली सिंचाई के बाद 50-70 किग्रा प्रति एकड़ यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें।

फसल में जड़ माहू का प्रकोप में होने पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस एल मात्रा 150 मिली प्रति एकड़ दवा का उपयोग कर नियंत्रण करें।

फसल में पीलापन की समस्या होने पर किग्रा यूरिया के साथ 500 ग्राम जिंक सल्फेट 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।

सकरी पत्ती के खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फ्यूरॉन 75 डब्ल्यूजी 33 ग्राम प्रति है, या क्लोडिनोफॉप 15 डब्ल्यू पी 60 ग्राम प्रति हैक्टेया का छिड़काव करें।

चौड़ी पत्ती के खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए 2.4 डी सोडियम साल्ट 38 ईसी 1.40 लीटर प्रति है या मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 20 डब्ल्यूपी 20 ग्राम प्रति है का छिड़काव करें।

चना के लिए

दलहनी फसलों में यूरिया का छिड़काव न करें।

चने की फसल में इल्ली के नियंत्रण के लिए खेत में टी आकार की खूंटी 20-25 प्रति हैक्टेयर लगाएं।

प्रति मीटर लम्बाई में एक से अधिक इल्ली होने पर प्रोफेनोफॉस या क्विनालफॉस 15 लीटर प्रति हैक्टेयर का प्रयोग करें।

फेरोमैन ट्रेप 12 प्रति हैक्टेयर व नीम ऑयल 5 मिली प्रति लीटर पानी में या एनपीव्ही वायरस 250 एलई प्रति हैक्टेयर का उपयोग करें।

मसूर के लिए

मसूर व तिवड़ा में माहू नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड या एसीटामिप्रिड 125 ग्राम प्रति हैक्टेयर दवा का उपयोग कर नियंत्रण करें।

उक्ता नियंत्रण के लिए 10-12 तगाड़ी गोबर की खाद में 500 ग्राम ट्राइकोडर्मा विरिडी जैविक फफूंदनाशक को मिलाकर जगह-जगह भुरकाव करें।

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