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सोनामोती गेंहू शुगर रोगियों के लिए एक अच्छा विकल्प


सोनामोती गेंहू : वर्तमान समय में हमने पुराने मोटे अनाज को त्याग अपने आहार में नई प्रजाति गेंहू को शामिल कर लिया है, जिसमे मैदा की मात्रा बहुत ज्यादा होती हैl

आहार विशेषज्ञों के अनुसार हमारी रोटी में मैदा की मात्रा जितनी ज्यादा होगी उतना हमारे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ेगी l

शुगर रोगियों के लिए लो ग्लूटेन गेंहू हे उत्तम

उच्चतम स्तर वाले शुगर रोगियों को चिकित्सक गेंहू की रोटी न खाने की सलाह देते है, ऐसे में हमारे पास खाने के लिए ज्वार, बाजरा आदि अनाजो के विकल्प सामने आते है, परंतु इन मोटे अनाजों में मैदा न होने के कारण इनकी रोटियां बनाना सभी के लिए संभव नहीं हो पाती हैl

तो अब हमारे पास यह विकल्प बचता है, कि हम कम मैदा युक्त गेंहू जैसे की खपली, बंशी , चंदोसी गेंहू आदि खाएं जिन्हे लो ग्लूटेन गेंहू भी कहा जाता हैl

डायबेटिक फ्रेंडली है यह गेंहू

सोना मोती को डायबेटिक फ्रेंडली गेंहू माना जाता है, क्योकि इन प्रजातियों की रोटियां रबर नुमा या ज्यादा सॉफ्ट नही होती l

मैदा कम होने के कारण इनकी रोटियां तो एक हाथ से मुट्ठी में दबाने पर ज्वार की रोटी जैसे चुरा हो जाति है l

जबकि शरबती या लोकवन गेंहू की रोटी में मैदा की मात्रा अधिक होने से रबरनुमा मुलायम होती है, जो पचने में देर लगाती है, और सुगर लेवल भी बढ़ाती है l

बीज का प्राकृतिक या जैविक होना भी आवश्यक

अच्छे उत्पादन के लिए, भरपूर देशी खाद के साथ, बीज का प्राकृतिक या जैविक होना भी आवश्यक हैl
एक किसान होने के साथ यदि हमारा रुझान प्राकृतिक खेती की ओर बड़ रहा है, तो, इसके लिए सबसे यह आवश्यक होगा की हम बाज़ार की मांग अनुसार सही बीज का चयन करेंl

प्राक्रतिक खेती विशेषज्ञों के अनुसार संतृप्त मात्रा में देशी खाद के साथ यदि हमारी खेती में प्रयोग होने वाला बीज भी प्राकृतिक हो तो निश्चित ही अच्छे गुणवत्ता युक्त उत्पादन की कल्पना साकार हो सकती हैl

ये किस्म है फायदेमंद

हमारी प्राचीन धरोहर को जीवित रखने के लिए, अच्छी आमदनी के लिए किसान साथी इन प्रजातियों का चयन करें तथा उपभोक्ता अधिक मैदा वाला अनाज त्यागकर कम मैदा युक्त गेंहू….

  • सोनामोती पैगंबरी ,
  • खपली,
  • बंशी ,
  • चंदोसी आदि

मोटा अनाज ज्वार, बाजरा, मक्का, जो छोटा अनाज कोदो, कुटकी, रागी अपने आहार में शामिल करेl

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स्वस्थ बनेगा शरीर

धीरे – धीरे रोग शरीर शरीर से बाहर हो जायेंगे और यदि हम स्वस्थ है, तो इनके सेवन से सदैव स्वस्थ बने रहेंगे l सीधी भाषा में कहे तो जहा मैदा, वहां बीमारी जन्म लेती है।

इस दिशा मे काम कर रही श्री दीप ज्योति जैविक किसान संस्थान की अनुपम पहल “अपना खेत, अपना खाद, अपना बीज , अपना बाजार तभी हो किसान का उद्धार उपभोक्ता के स्वास्थ्य का सरोकार “

देशी गेंहू बीज सोनामोती पैगंबरी ,खपली, बंशी, चंदोसी आदि प्राप्त करने के लिए नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क कर सकते है, अन्य जानकारी भी नीचे दी गयी है, किसान संपर्क कर यहाँ से देशी बीज प्राप्त कर सकते है।

राजाराम गोयल उज्जैन
प्रमाणीत जैविक उत्पादक (भारत सरकार)
डायरेक्टर: आर्गेनिक आहार, देशी फार्म उज्जैन
जैविक बाज़ार विशेषज्ञ : श्री दीप ज्योति जैविक किसान परिवार
9424099101 , 9755710459

आप यहां निः शुल्क प्राकृतिक जैविक खेती परामर्श हेतु संपर्क कर सकते हैं l
दीपक राव – मुख्य प्रशिक्षक
9770834465, 9977113039
श्री दीप ज्योति जैविक किसान संस्थान

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