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MP में खाद की खरीदी के लिए जारी होगा नया सिस्टम

सीजन की शुरुआत से पहले करना होगा बुकिंग

अब किसान को खाद की खरीदी के लिए पहले लेना होगा E-voucher

मध्यप्रदेश में किसानों को समय पर और पात्रता अनुसार खाद (यूरिया, डीएपी सहित अन्य) मिल जाए, इसके लिए शिवराज सरकार अब एक नया System प्रयोग करने जा रही है।

इसके तहत किसी भी फसल के सीजन के प्रारंभ होने के पहले ही किसानों को सब्सिडी की राशि के Digital voucher या ई-रुपी दे दिए जाएंगे।

किसान को क्या फायदा ?

  1. इससे किसान अपने हिस्से की हि खाद पात्रता अनुसार ले सकेंगे।
  2. सहकारिता और कृषि विभाग पहले एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट चलाएगा।
  3. इसके जरिये सरकार को यह पता रहेगा कि जिस किसान के नाम पर खाद बेची जा रही है वह वास्तविक हितग्राही है या नहीं।
  4. सहकारी समितियों के हिसाब-किताब की पड़ताल भी हो जाएगी।

बताया गया है, कि – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने Digital Payment को बढ़ावा देने और गलतियों पर रोक लगाने के लिए Digital Payment प्रणाली ई-रुपी की व्यवस्था को हाल ही में शुरू किया है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खाद आपूर्ति के संबंध में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया से मिले थे।

एक जिले में करेंगे सबसे पहले लागू

इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया था कि प्रदेश केंद्र सरकार की ई-रुपी वाउचर योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खाद खरीदी के लिए एक जिले में लागू करे।

मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति जताई और उसके आधार पर कृषि और सहकारिता विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

विभाग के अपर मुख्य सचिव – अजीत केसरी ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों को खाद पर काफी अनुदान (सब्सिडी) देती है।

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से किसानों को स्वीकृत साख (ऋण) सीमा के आधार पर खाद दी जाती है।
जो कुल ऋण स्वीकृत होता है, उसमें 25 फीसद हिस्सा वस्तु के तौर पर मिलता है और बाकी राशिनकद मिल जाती है।

वस्तु के रूप में किसान खाद लेते हैं।

किसान कैसे खाद प्राप्त करेंगे ?

  1. जानकारी के अनुसार नए सिस्टम में किसान को उसकी पात्रता के अनुसार ही वाउचर जारी होंगे।
  2. वाउचर जारी होने के बाद किसान को उसके जगीस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जायगा ।
  3. किसान खाद लेने के लिए समिति में जाएंगे तो उन्हे वहाँ पर वह वाउचर दिखाना होगा।
  4. वह वाउचर को खाद समिति द्वारा स्कैन किया जाएगा।
  5. SMS स्कैन करने पर पात्रता का पता चल जाएगा और किसान को खाद दे दिया जावेगा ।
  6. कोई भी लाभ लेने वाला किसान अपना वाउचर किसी अन्य किसान को नहीं दे पाएंगे।

किसान को क्या फायदे होंगे ?

  1. इस सिस्टम से गड़बड़ी की आशंका समाप्त होगी ।
  2. यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि, जिस किसान की जितनी पात्रता है, उतनी ही खाद दी गई हो।
  3. किसान के हक का लाभ उसे मिलेगा।

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राहुल पटेल उम्र 28 वर्ष, एक प्रगतिशील किसान और MKisan के मुख्य लेखक हैं। इन्हें खेती-किसानी और मंडी भाव का गहरा ज्ञान है, जो किसानों को रोज़ाना ताज़ा और सटीक जानकारी देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

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