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Hydroponic Farming – जाने बिना मिट्टी की खेती के बारे मे

Hydroponic Farming – हाइड्रोपोनिक खेती मतलब की बिना मिट्टी के की जाने वाली खेती इस पोस्ट मे हम जानेंगे की हाइड्रोपोनिक खेती क्या है ? इससे क्या लाभ है ? इस खेती से कितनी उपज होती है, कितना मुनाफा कमाया जा सकता है, और इसे लगाने के लिए कितने धन की अवश्यकता होती है, तो पोस्ट को पूरा पढ़िये –

हमारा देश भारत इतनी ज्यादा आबादी और लगातार घटती कृषि योग्य भूमि की चुनौती के बावजूद भी खाद्यान्न में आत्म निर्भर हो गया है, और भारत से ही कई देशों में खाद्यान्न निर्यात भी किया जाता है, इतनी उन्नति और सफलता के बाद भी एक सवाल आता है, जो कि बहुत महत्वपूर्ण हैं क्या हम शरीर के लिए फायदेमंद पोषक तत्व वाला भोजन ग्रहण कर रहे हैं , या फिर भोजन में हानिकारक तत्वों का सेवन कर रहे हैं, जिससे कि आए दिन कई प्रकार की बीमारियां जन्म ले रही हैं, और लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।

वहीं दूसरी ओर नजर डाली जाए तो खेतों का विविधीकरण मिट्टी की उर्वरता में कमी खेती करने के लिए जमीन की लगातार होने वाली कमी और खेती और पीने योग्य पानी की कमी यह भी बहुत बड़ी समस्या बनती जा रहे हैं । ऐसे समय में हाइड्रोपोनिक खेती (Hydroponic Farming) इन सभी समस्याओं का समाधान बन सकती है, अब यह हाइड्रोपोनिक खेती आखिर है, क्या यदि सरल भाषा में कहा जाए तो हाइड्रोपोनिक खेती बिना मिट्टी के की जाने वाली खेती होती है, इसमें पौधों को सिर्फ पानी और जरूरी पोषक तत्व की मदद से ही उगाया जाता है, जिसमें की पौधों के लिए जरूरी तत्व को घुलनशील रूप में पौधों तक पहुंचाया जाता है ।

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हाइड्रोपोनिक खेती कैसे की जाती है ?

हाइड्रोपोनिक खेती वह खेती है, जिसमें बिना मिट्टी के खेती की जाती है, एवं पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वो को पानी में घोलकर पौधों तक पहुंचाया जाता है, हाइड्रोपोनिक खेती के द्वारा कई प्रकार की पोस्टिक पत्तेदार सब्जियों की खेती की जा सकती है, जैसे कि – मिर्च, टमाटर शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी, फ्रेंच बींस आदि।

हाइड्रोपोनिक खेती को बड़े स्तर पर करना बहुत ही लाभदायक होता है, से काफी ज्यादा मुनाफा किया जा सकता है, इसमें पौधों को लगाने के लिए एक विशेष प्रकार का बेड निर्मित किया जाता है, और इनकी एक के ऊपर एक कई परतें होती है, जैसा कि फोटो में दिखाया गया है।

इसमें पौधों की जड़े पानी में डूबी हुई होती है, जिनके द्वारा ही उन्हें पोषण प्राप्त होता है, एक निश्चित समय पर पौधों में पानी देने के लिए हाइड्रोपोनिक पंप का उपयोग किया जाता है, पानी में आवश्यक पोषक तत्व निर्धारित अनुपात में मिला दिए जाते हैं, और फिर पानी को पौधों की जड़ों तक पहुंचा दिया जाता है। जिससे पौधा तंदुरुस्त और अधिक विकसित होता है, आप अपने स्थान की उपलब्धता और प्राथमिकताओं के अनुसार अन्य मॉडल जैसे जिक जैक, रेन टॉवर आदि के द्वारा भी काम कर सकते हैं।

Hydroponic Farming से क्या फायदे है ?

हाइड्रोपोनिक खेती में प्रकृति पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ता है, इसमें क्रत्रिम माहौल तैयार किया जाता है, इससे आप कृतिम रोशनी वाले कमरे मैं शुरू कर सकते हैं, आप इसे शहर या फिर गांव में घरों की छत या बालकनी में भी पौधे लगा सकते हैं। हाइड्रोपोनिक खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है, कि – इसमें बहुत कम पानी का उपयोग होता है, यदि बात करें साधारण तरीके से खेती करने और हाइड्रोपोनिक खेती करने में लगभग 9 फीसदी पानी की बचत होती है, और साथ ही इसमें प्रकृति पर निर्भरता नहीं है, तो इसमें जोखिम भी बहुत कम है, और अधिक फायदे की बात करें तो इसमें खरपतवार की भी कोई झंझट नहीं है, जिससे कि आपको खरपतवार नियंत्रण में लगने वाले लागत की भी बचत होगी ।

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हाइड्रोपोनिक खेती से मुनाफा

यदि हम Hydroponic Farming से उपज की बात करें तो इसमें सबसे बड़ा फायदा यही है कि आप की उपज 3 से 4 गुना ज्यादा होती है, इस खेती को कई अन्य देशों में सफलता के साथ किया जा रहा है, विशेषज्ञ सलाह भी देते हैं कि – हानिकारक कीटनाशक को से उत्पन्न सब्जियों का प्रयोग ना करें उन्हें खाने से लोग बहुत अधिक मात्रा में बीमार पढ़ रहे हैं।

जिन सब्जियों पर खाने से तंदुरुस्ती मिलना चाहिए वही सब्जी यदि बीमारी का कारण बन जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे बेकार बात है, इन सभी बातों की पूर्ति के लिए हाइड्रोपोनिक खेती बहुत ही अच्छा विकल्प है।

कितनी लागत से होगी शुरुआत

Hydroponic Farming के लिए फॉर्म शहर के अंदर या फिर शहर के आसपास ही बनाए जाते हैं, इससे फायदा यह होता है कि परिवहन और भंडारण में ज्यादा खर्च नहीं लगता । ताजा सब्जियों और फलों की गुणवत्ता और आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई कृषि कंपनियां इस खेती का भरपूर फायदा ले रही है, इस खेती की शुरुआत करने के लिए एक साथ अधिक निवेश की आवश्यकता होती है, हालांकि इसके लिए कई प्रकार की सहायता सब्सिडी के रूप में कंपनियों द्वारा प्रदान कर दी जाती है, इससे कम से कम 25 हजार से एक लाख की लागत से शुरू किया जा सकता है।

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विकट परिस्थितियों में भी हाइड्रोपोनिक खेती से फायदा

हाइड्रोपोनिक खेती के द्वारा विपरीत परिस्थितियों में भी पौधों को उगाया जा सकता है, ऐसे क्षेत्र जहां पर भूमि काम है या फिर वहां की मिट्टी उपजाऊ नहीं है, वहां पर यह खेती बहुत ही लाभदायक होगी। इसके फायदे के बारे में तो आप पहले ही जान चुके हैं कि – इसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती है, और इस पर प्राकृतिक मौसम का भी ज्यादा पर प्रभाव नहीं पड़ता है, खेती के लिए यदि ज्यादा जगह उपलब्ध नहीं हो तो घरों की छत पर भी इसे लगाया जा सकता है ।

हाइड्रोपोनिक खेती को सरकार दे रही बढ़ावा

कहीं राज्य की सरकारें तेजी से हाइड्रोपोनिक खेती को बढ़ावा दे रही है, परंपरागत तरीके से खेती करने और हाइड्रोपोनिक तकनीक (hydroponic technology) से खेती करने में बहुत बड़ा अंतर है, वह अनेक प्रकार के फायदे हैं, हाइड्रोपोनिक खेती तकनीकी रूप से उन्नत, सुविधाजनक, और आर्थिक रूप से लाभदायक, टिकाऊ खेती है, आज के समय में लोगों की आय बढ़ रही है, तो लोग एक अच्छा पोस्टिक भोजन की प्राप्ति के लिए अधिक भुगतान करने को तैयार है, ऐसे में उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपोनिक्स खेती बहुत अच्छा अवसर है।

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हाइड्रोपोनिक खेती कैसे की जाती है ?

बिना मिट्टी के सिर्फ पानी से की जाने वाली खेती जिसमे पोधों के लिए जरूरी तत्वो को पानी मे घोलकर पोधों तक पहुचाया जाता है।

हाइड्रोपोनिक खेती मे कितनी लागत से शुरुआत की जा सकती है ?

हाइड्रोपोनिक खेती मे लगभग 25 हजार से 1 लाख रुपए की लागत से शुरू की जा सकती है।

हाइड्रोपोनिक खेती मे कितनी उपज होती है ?

हाइड्रोपोनिक खेती मे 3 से 4 गुना उपज होती है।

क्या हाइड्रोपोनिक खेती मे मौसम का प्रभाव पड़ता है ?

हाइड्रोपोनिक खेती मे मौसम का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता ।

हाइड्रोपोनिक खेती से किन फसलों को उगाया जा सकता है ?

हाइड्रोपोनिक खेती से मिर्च, टमाटर शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी, फ्रेंच बींस आदि फसलों को उगाया जा सकता है।

हाइड्रोपोनिक खेती घर पर की जा सकती है ?

जी हाँ आप इससे घरेलू छत पर (hydroponic garden) पोधे उगा सकते है।


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