WhatsApp Group - मंडी भाव

Join Now

शीत ऋतु में पशुओं की देखभाल कैसे करें ?

ठंड के समय में पशुओं की देखभाल करना बहुत ही जरूरी हो जाता है, क्योंकि इसका पशुओं की सेहत के साथ-साथ उनके दूध उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ता है।

ठंडी के मौसम में पशुओं के रहन-सहन और उनके आहार का अच्छे तरीके से ध्यान रखना जरूरी होता है, यदि इस पर ठीक तरीके से ध्यान ना दिया जाए तो पशुओं का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, और उनकी दूध उत्पादन क्षमता पर भी फर्क पड़ सकता है।

ऐसे में पशुओं के लिए जरूरी प्रोटीन, विटामिन, वसा, खनिज तत्व का खास ध्यान रखा जाए और इन तत्वों की पूर्ति की जाए।

सर्दियों के मौसम में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए सरकार द्वारा टीकाकरण अभियान चलाए जाते हैं, वहां से पशुओं को टीका लगवाना चाहिए।

पढे – जानवर भगाने की झटका मशीन – Jhatka Machine Price

पशु आहार में कार्बोहाइड्रेट जरूरी

कार्बोहाइड्रेट पशुओं के लिए बहुत ही जरूरी तत्व है, क्योंकि इससे पशुओं को ऊर्जा मिलती है, और इसी से पशुओं को ठंड से बचाव में मदद मिलती है।

यदि हम बात करें कि पशु आहार में कार्बोहाइड्रेट कहां से प्राप्त हो सकता है, तो गेहूं का भूसा, धान का पुआल, बाजरा, मक्के का भात, ज्वार, और अनाज में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है।

वही पशुओं में शर्करा की पूर्ति के लिए हम गाजर, गुड और चुकंदर आदि पशु आहार में शामिल कर सकते हैं, यह पशुओं में स्फूर्ति और शक्ति प्रदान करता है।

पशुओं को जुखाम से कैसे बचाएं

ठंड के समय में पशुओं में नाक और आंख से पानी आने लगता है और पशुओं को भूख कम लगती है शरीर के रोम खड़े हो जाते हैं।

इसके उपचार हेतु बीमार पशु के सामने एक बाल्टी में गर्म पानी रखें और उस बाल्टी के ऊपर थोड़ी सी सूखी घास रख दें। अब बोरे की मदद से अच्छी तरह से पशु के चेहरे को ढक दें व सांस लेने के लिए उसका नाक व मुंह खुला रहने दे।

अब खोलते हुए पानी पर रखी घास के ऊपर तारपीन का तेल डालें और फिर इसकी भाप पशु को लेने दे यह पशु के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा और जुकाम से बचने में सहायता मिलेगी।

इन बीमारियो से करे बचाव

इसके अलावा पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पशुओं को जूट से बने हुए बोरे पहना दे जिनसे कि उनका शरीर गर्म बना रहेगा।

अधिकतर ठंडी के समय में पशुओं में खुरपका, मुंहपका और गलाघोटू जैसी बीमारियां देखने को मिलती है इनके उपचार के लिए समय-समय पर पशुओं का टीकाकरण करवाएं।

इसे पढे – किसान इस तरह पहचानें पशुओं में नमक की कमी

डेयरी फार्मिंग से जुड़े किसानों के लिए 5 बेस्ट टिप्स


Leave a Comment

ऐप खोलें