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मिलेट मिशन योजना को मंजूरी मिलेगा 80 प्रतिशत तक अनुदान

मध्य प्रदेश सरकार ने भी राज्य मिलेट मिशन योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत श्री अन्न की खेती को प्राथमिकता से बढ़ावा दिया जाएगा, अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज के विषय में केंद्र सरकार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। राज्य सरकारें भी मिलेट उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं।

कई राज्यों में, कृषि इनपुट्स पर ध्यान केंद्रित कर मिलेट मिशन (Millet Mission Yojana) के तर्ज पर अनुदान प्राप्त हो रहा है, साथ ही किसानों को प्रशिक्षण और मिलेट प्रसंस्करण से जोड़ा जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी राज्य मिलेट मिशन योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत श्री अन्न की खेती को प्राथमिकता से बढ़ावा दिया जाएगा, बीज, प्रशिक्षण, कार्यशाला और मिलेट के प्रचार प्रसार के लिए किसानों को अनुदान प्रदान किया जाएगा। मध्य प्रदेश राज्य मिलेट मिशन के लिए सरकार ने 23 करोड़ 25 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है।

किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान

भारतीय किसानों को मिलेट उत्पादन (Millet Production) को बढ़ावा देने के लिए सरकारें आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही हैं। खेती के लिए बीज, खाद, मशीनें जैसे कृषि इनपुट्स को सस्ती दरों पर मुहैया करवाकर किसानों की लागत को कम कर रही हैं।

इसके अलावा, प्रशिक्षण सेंटर और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि किसान नवाचारों से जुड़कर अपनी खेती को और अधिक प्रगतिशील बना सकें।

मध्य प्रदेश सरकार ने इसी कड़ी में राज्य मिलेट मिशन (State Millet Mission) के तहत किसानों को मिलेट यानी मोटे अनाजों की खेती के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान करने की सिफारिश की है।

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने आधिकारिक घोषणा की है, कि मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में पहले से ही मोटे अनाजों की खेती (Cultivation of Millets) होती रही है, लेकिन अब समस्त राज्य के किसानों को मध्य प्रदेश राज्य मिलेट मिशन से जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को 80% अनुदान दिया जाएगा, जो किसानों को जोड़ने और मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य की ओर प्रोत्साहित करेगा।

स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और आय को बढ़ाने का लक्ष्य

अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और किसानों की आय को बढ़ाने के लक्ष्य से मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए बताया कि श्री अन्न एक बहुत ही पौष्टिक फसल (benefits of millets) है, जिसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर आदि जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, और वसा की कम मात्रा होती है।

किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं

इन मोटे अनाजों का सेवन हार्ट से लेकर डायबिटीज मरीजों के लिए भी सुरक्षित है, कोरोना महामारी के बाद लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं, और इस योजना का किसानों के लिए एक अच्छा अवसर है। इन मोटे अनाजों के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।

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राहुल पटेल उम्र 28 वर्ष, एक प्रगतिशील किसान और MKisan के मुख्य लेखक हैं। इन्हें खेती-किसानी और मंडी भाव का गहरा ज्ञान है, जो किसानों को रोज़ाना ताज़ा और सटीक जानकारी देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

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