खरीदें / बेचें

इंजीनियर की गलती किसानों पर पड़ी भारी

मध्य प्रदेश सड़क विभाग की लापरवाही से किसानों की फसल चौपट हो गई है, विभाग ने पानी निकासी की पुलिया ऐसी जगह लगाया है, जिससे पानी की एक बूंद नहीं निकल रही है।

गलत जगह किया पुलिया निर्माण

खरगोनः जिले के रजूर गांव में मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदार की लापरवाही बड़ी लापरवाही सामने आयी है, बता दें कि – सड़क के ठेकेदार व विभागी इंजीनियर ने पुलिया को वहां बना दिया है, जहां पानी पहुंचता नहीं है, जिसकी वजह से पिछले दो दिन से हुई भारी बारिश से किसानों के खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं।

heavily-on-farmers

Fruit Ripening – राइपनिंग तकनीक से फलो को कैस पकाया जाता है

8 एकड़ में फैली फसलें हुई चौपट

आपको बता दें कि – मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विभाग के इंजीनीयर एवं ठेकेदार द्वारा वहां पर पानी निकासी की पुलिया बनाई गई है, जहां से एक बूंद भी पानी नहीं बह रहा है, और पुलिया सुखी पड़ी है, किसानों का कहना है विभाग पानी निकासी की नाली भी बना देता तो किसानों के खेत में पानी नहीं घुसता और फसल बर्बाद होने से बच जाती।

एक दर्जन किसानों की जमीन डूबी

किसान महेश पाटीदार ने जिला मुख्यालय खरगोन पहुंचकर विभाग को खेत जलमग्न की तस्वीरे दिखाई एवं बताया कि मेरी साढ़े आठ एकड़ की जमीन पर कपास एवं सोयाबीन की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है, किसान का कहना है कि – उसे लाखों की नुकसानी हुई है, वहीं उससे जुड़े करीब एक दर्जन किसानों की जमीन भी जलमग्न हुई है।

मुआवजे की गुहार लगयी

वहीं पूरे मामले में मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियर यादवेंद्र सिंह ने किसानों कि आपसी मेढ़ बांधने का झगड़ा बताकर पल्ला झाड़ा साथ ही उन्होनें जेसीबी मशीन भेजकर समस्या का वैकल्पिक समाधान का आश्वासन दिया, किसान अब मुआवजे के लिया तहसीलदार एवं राजस्व विभाग से अपनी गुहार लगा रहे हैं.

पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में हो रही बारिश से कई जगह पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, बारिश के वजह से कुछ किसानों के चेहरे पर रौनक है, तो वहीं कुछ जगहों पर फसल पूरी तरह जलमग्न होने से खराब हो रही है. मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

इसे पढे – मध्यप्रदेश में मूंग के रजिस्ट्रेशन इस तारीख से होंगे शुरू


राहुल पटेल उम्र 28 वर्ष, एक प्रगतिशील किसान और MKisan के मुख्य लेखक हैं। इन्हें खेती-किसानी और मंडी भाव का गहरा ज्ञान है, जो किसानों को रोज़ाना ताज़ा और सटीक जानकारी देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

Leave a Comment