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चुकंदर की खेती जो 70 दिन में बना देगी लखपति

चुकंदर की खेती को बहुत ही मुनाफे वाली फसलों में माना जाता है, चुकंदर की खेती की हम बात करे तो इसे Beetroot भी कहा जाता है। चुकंदर की खेती भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग उद्देश्य से की जाती है।

जैसे कि कुछ जगह फल, जूस, सब्जी, औषधि,सलाद,आचार, मानव रोग निवारण मे इसका उपयोग किया जाता है। गाजर, मूली, शकरकंद,शलगम,आदि के जैसे यह गहरे लाल रंग का वाला कंद फल है।


बुआई का समय

जायद में

बुआई का समय – 1 फ़रवरी से 30 मई के बीच

फसल अवधि – 55 से 60 दिन

खरीफ में

बुआई का समय – 1 जून से 31 अगस्त के बीच

फसल अवधि – 55 से 60 दिन

रबी में

बुआई का समय – 1 सितंबर से 30 नवंबर के बीच

फसल अवधि – 55 से 60 दिन


तापमान , मिट्टी की तैयारी व खेत की जुताई

चुकंदर की फसल दोमट या बलुई मिट्टी में करने पर अधिक उत्पादन मिल जाता है। वैसे इसकी खेती सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है। चयनित किए गए खेत में जल निकास की उचित व्यवस्था हो।

फसल के लिए चयन की गई भूमि का पी.एच मान 6 से 7 के बीच का होना चाहिए। बुवाई करने से पहले खेत की 3 से 4 बार जुताई करके पाटा अवश्य लगाए। खेत में उपयुक्त नमी बनाये रखें।


चुकंदर की उन्नत किस्में ( Varieties )

Crimson Globe – अवधि 55 से 60 दिन यह किस्म मध्यम आकार की होती है। इसके पत्ते चमकदार हरे रंग के होते हैं। इसकी जड़ें मध्यम और छिल्का लाल रंग का होता है। इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।

अर्ली वंडर – अवधि 55 से 60 दिन इस किस्म की जड़े चिपटी सतह चिकना होने के साथ ही लाल सतह वाला होता है। इसकी भीतरी सतह भी लाल होने के साथ ही पत्तियां हरे रंग की होती है। इस किस्म को तैयार होने के लिए 55 से 60 दिन तक का समय लगता है ।

मिश्र की क्रॉस्बी – अवधि 55 से 60 दिन चिपटे जड़ के साथ चिकनी सतह वाले इस प्रजाति का आंतरिक रंग गहरा पर्पल – लाल होता है । इस प्रजाति को तैयार करने में 55 से 60 दिनों का समय लगता है।


चुकंदर की खेती मे बीज की मात्रा

चुकंदर की 1 एकर फसल तैयार करने के लिए 3 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

बीज उपचार

हाइब्रिड बीज पहले से उपचारित आते है इनकी सीधी बुवाई की जा सकती है। अगर घर पर तैयार किया हुआ या देसी बीज की बुवाई करते है तो इसे कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम + थिरम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित कर ले।

बुआई का तरीका

चुकंदर की बुवाई के समय पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेमी और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 35 से 45 सेमी रखनी चाहिए। बीज को 1 से 2 सेमी की गहराई पर बोए।


चुकंदर की खेती मे उर्वरक व खाद प्रबंधन

बुवाई के समय चुकंदर की फसल की बुवाई के समय 1 एकर खेत में 8 से 10 टन गोबर की खाद ( FYM ) , 50 किलोग्राम डी ऐ पी ( DAP ) , 25 किलोग्राम यूरिया ( Urea ) , 50 किलोग्राम पोटाश ( Potash ) , 100 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट ( SSP ) , 10 किलोग्राम कार्बोफिउरॉन ( carbofuron ) 5 किलोग्राम जायम ( Zayam ) का इस्तेमाल करे।

बुवाई के 21 से 25 दिन बाद चुकंदर की फसल बुवाई के 25 दिन बाद 1 एकड़ खेत में 25 किलोग्राम यूरिया का इस्तेमाल करे।

बुवाई के 45 से 50 दिन बाद चुकंदर की फसल बुवाई के 45 दिन बाद 1 एकड़ खेत में 25 किलोग्राम यूरिया का इस्तेमाल करे।


चुकंदर की खेती मे सिंचाई

चुकंदर की फसल में गर्मियों में 5 से 7 दिन पर सिचाई करे । सर्दियों में 10 से 12 दिन पर सिचाई करे।

फसल की कटाई

बीज बुआई के 60 से 70 दिन बाद चुकंदर खाने योग्य हो जाता है।


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