मध्य प्रदेश की मंडियों में इन दिनों सोयाबीन के भाव को लेकर किसान असमंजस में हैं। केंद्र सरकार ने इस खरीफ सीजन के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹4,892 प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है, लेकिन खुले बाजार में व्यापारियों द्वारा किसानों से सोयाबीन ₹3,800 से ₹4,200 के बीच ही खरीदी जा रही है। यानी हर क्विंटल पर किसानों को करीब 700 से 1000 रुपये का घाटा हो रहा है।
किसानों को इस घाटे से बचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र की प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम (PDPS) के तहत सोयाबीन भावांतर योजना 2026 लागू की है। इसके लिए राज्य सरकार के आधिकारिक ई-उपार्जन पोर्टल (mpeuparjan.nic.in) पर ऑनलाइन पंजीयन शुरू हो चुके हैं।
नियम बिल्कुल सीधा है: यदि आप मंडी में अपनी सोयाबीन समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचते हैं, तो घाटे के अंतर की राशि (भावांतर) सरकार सीधे आपके आधार लिंक बैंक खाते में भेजेगी। लेकिन इसके लिए निर्धारित तारीख के भीतर पंजीयन होना जरूरी है।
सोयाबीन भावांतर पंजीयन की महत्वपूर्ण तारीखें
- पंजीयन शुरू होने की तारीख: 03 अक्टूबर 2026
- पंजीयन की अंतिम तारीख: 17 अक्टूबर 2026
- मंडी में फसल बिक्री अवधि: अक्टूबर से दिसंबर 2026
नोट: पोर्टल केवल 17 अक्टूबर तक ही खुला रहेगा। बाद में सर्वर लोड या तकनीकी दिक्कत से बचने के लिए किसान भाई समय रहते अपना पंजीयन पूरा कर लें।
भावांतर योजना में किसान को कितना फायदा मिलेगा? (समझें गणना)
नीचे दी गई तालिका से समझिए कि समर्थन मूल्य और मंडी भाव के बीच के अंतर की भरपाई सरकार किस तरह करेगी:
| विवरण | दर (प्रति क्विंटल) | भुगतान व्यवस्था |
|---|---|---|
| सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) | ₹4,892 | केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दर |
| मंडी का औसत बिक्री भाव (उदाहरण) | ₹4,000 | मंडी में व्यापारी द्वारा भुगतान |
| सरकार द्वारा देय भावांतर राशि | ₹892 प्रति क्विंटल | सीधे किसान के बैंक खाते में (DBT) |

ग्राम पंचायत और कियोस्क केंद्रों पर सोयाबीन भावांतर पंजीयन की प्रक्रिया जारी है।
पंजीयन कहाँ कराएं? (निःशुल्क बनाम सशुल्क केंद्र)
शासन ने पंजीयन के लिए दो अलग-अलग विकल्प दिए हैं:
1. पूरी तरह निःशुल्क पंजीयन केंद्र:
- ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केंद्र
- जनपद पंचायत कार्यालय
- तहसील कार्यालय का सुविधा केंद्र
- प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां (PACS)
2. सशुल्क पंजीयन केंद्र (अधिकतम ₹50 शुल्क निर्धारित):
- एमपी ऑनलाइन कियोस्क (MP Online)
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC Kiosk)
- लोक सेवा केंद्र (Lok Seva Kendra)
- निजी साइबर कैफे
⚠️ जरूरी सूचना: कियोस्क या साइबर कैफे संचालक को अधिकतम ₹50 से अधिक शुल्क न दें। यदि कोई केंद्र अवैध राशि की मांग करता है, तो सीधे 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
बैंक खाते और दस्तावेजों से जुड़े 4 जरूरी नियम
अक्सर बैंक खाते की छोटी गलतियों के कारण भावांतर की राशि अटक जाती है। इस बार शासन ने निम्नलिखित नियम अनिवार्य किए हैं:
- पेमेंट्स बैंक खाते अमान्य: एयरटेल पेमेंट्स बैंक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक या फिनो जैसे खाते स्वीकार नहीं होंगे। केवल राष्ट्रीयकृत, सहकारी या ग्रामीण बैंक का सामान्य बचत खाता ही दें।
- एकल (Single) खाता जरूरी: संयुक्त खाता (जॉइंट अकाउंट) मान्य नहीं होगा। खाता पंजीकृत किसान के नाम पर होना चाहिए और उसमें आधार लिंक व NPCI DBT चालू होना आवश्यक है।
- ₹1 का सत्यापन ट्रांजेक्शन: पंजीयन के बाद नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा आपके खाते में ₹1 भेजकर खाता सक्रिय होने की पुष्टि की जाएगी।
- बटाईदार और सिकमी किसानों का नियम: जो किसान दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं, उनका पंजीयन केवल प्राथमिक सहकारी समितियों में ही होगा। इसका राजस्व अमले (पटवारी/तहसीलदार) द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया (4 आसान स्टेप्स)
स्टेप 1: आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक और खसरा नकल लेकर नजदीकी केंद्र पर जाएं।
स्टेप 2: ऑपरेटर द्वारा राज्य के MP e-Uparjan Portal पर आपका आधार नंबर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी आएगा या बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
स्टेप 3: खसरे में दर्ज सोयाबीन की बोवनी का सही रकबा जांचकर फॉर्म में दर्ज करवाएं।
स्टेप 4: फॉर्म सबमिट होने के बाद ऑपरेटर से कंप्यूटर जनरेटेड पावती (रसीद) जरूर प्राप्त करें और उसे संभालकर रखें।
📌 अन्य महत्वपूर्ण कृषि योजनाएं:
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