किसान भाइयों…
अगर आप भी इस रबी सीजन में अपने खेत के लिए कोई नई मशीन—जैसे गेहूं काटने वाला रीपर, दवाई छिड़कने का बूम स्प्रेयर या खाद-बीज बोने वाली ड्रिल लेने की सोच रहे थे, तो रुको जरा! अपनी जेब से पूरा पैसा लगाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
मध्य प्रदेश सरकार के कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने रबी बोवनी और कटाई को देखते हुए आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40% से 50% तक की भारी सरकारी सब्सिडी देने के लिए ऑनलाइन फॉर्म खोल दिए हैं । यानी अगर कोई मशीन 1 लाख रुपये की है, तो सरकार की तरफ से 50 हजार रुपये तक की सीधी छूट आपके बैंक खाते में मिल जाएगी।
लेकिन हां, इस बार एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है जो ज्यादातर किसान भाइयों को पता ही नहीं है—अब पुराने तरीके से सीधे आधार नंबर डालकर फॉर्म नहीं भरा जा रहा, सरकार ने AgriStack Farmer ID अनिवार्य कर दी है। अगर ये आईडी नहीं बनी है, तो एमपी ऑनलाइन वाला भी हाथ खड़े कर देगा।
आज इस पोस्ट में हम आपको बिल्कुल सीधी और सरल भाषा में बताएंगे कि किस मशीन पर कितने पैसे बचेंगे, कौन-कौन से कागज लगेंगे, और वो कौन-सी छोटी-छोटी गलतियां हैं जिनकी वजह से हर साल किसानों के फॉर्म रिजेक्ट हो जाते हैं। पोस्ट को पूरा ध्यान से पढ़ें ताकि बाद में तहसील या कियोस्क के चक्कर न काटना पड़े।
किन-किन कृषि यंत्रों पर मिल रही है सब्सिडी?
विभाग ने इस बार खेती के सबसे जरूरी 4 बड़े यंत्रों के लिए आवेदन मांगे हैं:
- 1. स्वचालित रीपर (Self-Propelled Reaper): गेहूं और धान काटने वाली मशीन। आज के समय में कटाई के वक्त लेबर मिलना कितना मुश्किल हो गया है, ये हम सब जानते हैं। इस रीपर से 1 घंटे में 1 से डेढ़ एकड़ कटाई आराम से हो जाती है और मजदूरी का खर्च आधा रह जाता है।
- 2. ट्रैक्टर माउंटेड बूम स्प्रेयर (Boom Sprayer): पीठ पर भारी टंकी लादकर पूरे खेत में दवाई छिड़कना बहुत मेहनत का काम है। ट्रैक्टर के पीछे लगने वाले इस स्प्रेयर से 10 से 15 मिनट में पूरे खेत में एक समान कीटनाशक या टॉनिक का छिड़काव हो जाता है।
- 3. सीड कम फर्टिलाइज़र ड्रिल / प्लांटर: खाद और बीज दोनों सही गहराई पर गिरते हैं, जिससे जमाव बहुत बढ़िया होता है और खाद की बर्बादी नहीं होती।
- 4. पावर टिलर (8 BHP से अधिक): छोटे और मध्यम किसानों के लिए जुताई, निंदाई-गुड़ाई और बाड़ी के काम के लिए सबसे असरदार मशीन।

चित्र: खेतों में दवाई और टॉनिक छिड़काव के लिए बूम स्प्रेयर पर भी 50% तक अनुदान मिल रहा है।
किस किसान को कितनी छूट (सब्सिडी) मिलेगी?
मध्य प्रदेश में कृषि यंत्रों पर मिलने वाली छूट किसान की जाति, जोत (जमीन) और महिला किसान होने पर तय होती है:
| किसान वर्ग / श्रेणी | सब्सिडी (छूट) | ज़रूरी नियम व शर्तें |
|---|---|---|
| महिला किसान (सभी वर्ग) | 50% तक | जमीन महिला के नाम पर दर्ज होनी चाहिए |
| लघु एवं सीमांत किसान (5 एकड़ / 2 हेक्टेयर से कम) | 50% तक | खसरा नकल में रकबा सत्यापन जरूरी |
| अनुसूचित जाति / जनजाति (SC/ST) | 50% तक | सक्षम अधिकारी का जाति प्रमाण पत्र लगेगा |
| सामान्य वर्ग के बड़े किसान (2 हेक्टेयर से ज्यादा) | 40% तक | यंत्र की कुल लागत का 40% अनुदान मिलेगा |
📌 मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं:
फॉर्म भरने के लिए जरूरी कागज (Documents List)
दुकान या कियोस्क पर जाने से पहले ये कागज अपने झोले में रख लें ताकि दोबारा घर न दौड़ना पड़े:
- AgriStack Farmer ID: यह इस साल से सबसे जरूरी कर दी गई है। अगर नहीं बनी है, तो तुरंत अपने पटवारी या सीएससी सेंटर से बनवा लें ।
- आधार कार्ड: आधार में आपका चालू मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए क्योंकि फॉर्म भरते वक्त तुरंत OTP आएगा।
- जमीन की खसरा/खतौनी की नकल: चालू वर्ष की ऑनलाइन डिजिटल नकल।
- बैंक पासबुक: खाता चालू होना चाहिए और उसमें DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) एक्टिव होना चाहिए।
- जाति प्रमाण पत्र: (केवल SC/ST किसान भाइयों के लिए)।
❌ सबसे बड़ी गलती जो किसान करते हैं (जिससे फॉर्म रिजेक्ट होता है):
बहुत से किसान भाइयों के खसरे में नाम ‘रामप्रसाद’ होता है और बैंक पासबुक में ‘रामप्रसाद पटेल’ या आधार में स्पेलिंग में अंतर होता है। अगर नाम में थोड़ा भी फर्क है, तो पोर्टल आवेदन रिजेक्ट कर देता है। इसलिए फॉर्म भरने से पहले देख लें कि आधार, बैंक और खसरे में नाम का मिलान बिल्कुल एक जैसा हो।
⚠️ सावधान: दलालों के झांसे में बिल्कुल न आएं!
हर साल जब भी कृषि यंत्रों के फॉर्म आते हैं, तो गांव-कस्बों में कुछ लोग घूमने लगते हैं और कहते हैं कि “अरे मुझे 5 हजार रुपये दे दो, मैं भोपाल में बात करके तुम्हारा नाम लॉटरी में पक्का निकलवा दूंगा।”
किसान भाइयों, कान खोलकर सुन लीजिए—यह 100% कंप्यूटराइज्ड रैंडम लॉटरी (Computer Draw) होती है। इसमें न तो किसी नेता की सिफारिश चलती है और न ही किसी अधिकारी का जोर। चयन पूरी तरह से कंप्यूटर द्वारा निष्पक्ष रूप से किया जाता है। इसलिए किसी भी बिचौलिए या दलाल को एक रुपया भी रिश्वत न दें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (घर बैठे या कियोस्क से)
अगर आपके पास स्मार्टफोन या लैपटॉप है तो आप खुद भी भर सकते हैं, नहीं तो नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क पर जाकर भी भरवा सकते हैं:
स्टेप 1: सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार के डीबीटी पोर्टल dbt.mpdage.org पर जाएं।
स्टेप 2: होमपेज पर “कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल” वाले बॉक्स पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अपनी AgriStack Farmer ID या आधार नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, उसे डालकर लॉगिन कर लें।
स्टेप 4: अब अपनी पसंद का यंत्र (जैसे रीपर या स्प्रेयर) चुनें और अपनी जमीन का खसरा नंबर व रकबा सेलेक्ट करें।
स्टेप 5: फॉर्म सबमिट करने के बाद रसीद (पावती) की पीडीएफ जरूर डाउनलोड कर लें और उसका प्रिंट निकाल कर सुरक्षित रख लें।
लॉटरी के बाद आगे क्या करना होगा?
आवेदन की अंतिम तारीख निकलने के बाद पोर्टल पर लॉटरी की तारीख घोषित होगी। लॉटरी निकलते ही आपके मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा और पोर्टल पर भी सूची जारी हो जाएगी।
अगर आपका नाम लॉटरी में आ जाता है, तो आपको विभाग द्वारा तय समय सीमा (लगभग 20 से 30 दिन) के भीतर कृषि विभाग के पंजीकृत डीलर से वह यंत्र खरीदना होगा। यंत्र का जीएसटी बिल और यंत्र के साथ आपकी फोटो पोर्टल पर अपलोड होगी। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी खेत पर आकर मशीन का भौतिक सत्यापन करेंगे और सब्सिडी का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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