MP कृषि यंत्र: SMS स्ट्रॉ सिस्टम पर सब्सिडी, 30 को लॉटरी

मध्य प्रदेश में धान कटाई का सीजन शुरू होते ही प्रशासन ने नरवाई और पराली जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कई जिलों में बिना एसएमएस (SMS – स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर जब्ती और भारी जुर्माने के आदेश जारी हो चुके हैं। इसी को देखते हुए कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय, मध्य प्रदेश ने ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर SMS (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) के लिए जिलेवार ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक सरकारी सब्सिडी दी जा रही है।

आवेदन की तारीखें और लॉटरी शेड्यूल

कृषि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (21 अक्टूबर 2026) के अनुसार आवेदन और चयन प्रक्रिया का कार्यक्रम इस प्रकार है:

विवरणनिर्धारित तिथि / राशि
ऑनलाइन आवेदन शुरू21 अक्टूबर 2026 से
आवेदन की अंतिम तारीख29 अक्टूबर 2026 (रात 12:00 बजे तक)
कंप्यूटरीकृत ई-लॉटरी (लकी ड्रॉ)30 अक्टूबर 2026
अनिवार्य धरोहर राशि (डिमांड ड्राफ्ट)₹3,500/- का बैंक डीडी

डीडी (Demand Draft) किसके नाम बनेगा? (सबसे अहम नियम)

पोर्टल पर आवेदन दर्ज करते समय ₹3,500 का बैंक डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना अनिवार्य है। डीडी बनवाते समय किसान भाई इन दो बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. डीडी का नाम: डीडी हमेशा ‘सहायक कृषि यंत्री, [आपके जिले का नाम]’ के पदनाम से ही बनेगा (जैसे- सहायक कृषि यंत्री, हरदा या सहायक कृषि यंत्री, सीहोर)। विभाग द्वारा जारी 55 जिलों की आधिकारिक सूची आप सहायक कृषि यंत्री अधिकृत डीडी फॉर्मेट PDF पर सीधे क्लिक करके देख सकते हैं।
  2. स्वयं के बैंक खाते से भुगतान: डीडी अनिवार्य रूप से आवेदक कृषक के स्वयं के बैंक खाते से ही बना होना चाहिए। किसी रिश्तेदार, मित्र या तीसरे व्यक्ति के खाते से बना डीडी स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवेदन सीधे निरस्त हो जाएगा।

पोर्टल की सख्त चेतावनी: पहले जिले के लक्ष्य जरूर जांचें

कृषि विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बैंक जाकर ₹3,500 का डीडी बनवाने से पहले किसान भाई पोर्टल पर अपने जिले का लक्ष्य (टारगेट कोटा) जरूर देख लें। यदि आपके जिले में SMS यंत्र का कोटा उपलब्ध है, तभी डीडी बनवाएं; अन्यथा आपका पैसा और बैंक चार्ज व्यर्थ अटक सकता है।

SMS (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) क्या है और क्यों जरूरी है?

एसएमएस एक अत्याधुनिक यंत्र है जिसे कंबाइन हार्वेस्टर के पिछले हिस्से में जोड़ा जाता है:

  • पराली का बारीक चूरा: यह कटाई के दौरान निकलने वाले लंबे पुआल/नरवाई को बारीक-बारीक टुकड़ों में काटकर पूरे खेत में एक समान फैला देता है।
  • आग लगाने की जरूरत खत्म: खेत में बिखरी बारीक पराली से जमीन में नमी बनी रहती है और मल्चिंग का काम होता है।
  • गेहूं की सीधी बुवाई: एसएमएस चलने के बाद किसान बिना खेत जोते सीधे हैप्पी सीडर या सुपर सीडर से गेहूं या चने की बुवाई कर सकते हैं।

सब्सिडी की दरें (कितना मिलेगा अनुदान?)

फसल अवशेष प्रबंधन योजना (CRM) और कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन के अंतर्गत:

  • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), लघु व सीमांत और महिला कृषकों के लिए: लागत का लगभग 50 प्रतिशत तक अनुदान।
  • सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बड़े कृषकों के लिए: लागत का लगभग 40 प्रतिशत तक अनुदान।

आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया)

  1. मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल (dbt.mpdage.org) पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘कृषि यंत्र अनुदान’ विकल्प चुनें और अपने आधार नंबर व बायोमेट्रिक/ओटीपी से लॉगिन करें।
  3. उपलब्ध यंत्रों की सूची में से ‘SMS – स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम’ का चयन करें।
  4. बैंक से बने ₹3,500 के डीडी का क्रमांक, बैंक का नाम, दिनांक दर्ज करें और डीडी की साफ स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  5. फॉर्म सबमिट करके पावती (एक्नॉलेजमेंट रसीद) डाउनलोड कर अपने पास सुरक्षित रख लें।

30 अक्टूबर 2026 को लॉटरी के नतीजे पोर्टल पर जारी होंगे। जिन किसानों का नाम चयन सूची में आएगा, उन्हें 7 कार्यदिवसों के भीतर अपने मूल दस्तावेज और बैंक डीडी संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री कार्यालय में जमा कराने होंगे।

राहुल पटेल एक स्वतंत्र कृषि विश्लेषक, मंडी शोधकर्ता और mKisan के मुख्य लेखक हैं। वे मध्य प्रदेश से हैं और पिछले 6 वर्षों से भारतीय कृषि बाजार, Agmarknet सरकारी मंडी दरों और NECC अंडा भावों का गहन अध्ययन व विश्लेषण कर रहे हैं। उनका उद्देश्य भारतीय किसानों और व्यापारियों तक निष्पक्ष, पारदर्शी और सत्यापित कृषि आंकड़े सरल हिंदी भाषा में पहुंचाना है।